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Hindi Story |आखिर गधा तो गधा ही होता है। Kahani

Hindi Story |आखिर गधा तो गधा ही होता है |

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Hindi Story |आखिर गधा तो गधा ही होता है |

दोस्तों एक समय की बात है एक धोबी था जिसके पास एक गधा था, जिसका नाम बंटी था और एक कुत्ता भी था जिसका नाम था शेरू, धोबी बंटी और शेरू को बेवजह भी पीट दिया करता था।

लेकिन बंटी को तो भरपूर भोजन मिलता था क्योंकि वह खा पीकर हष्ट पुष्ट रहेगा तभी तो धोबी का सारा बोझ लेकर चलेगा लेकिन बेचारे शेरू को एक दो वक्त की रोटी ही मिल पाती थी इस वजह से वह काफी दुबला पतला हो गया था।

दोस्तों यहां पर वही कहावत चरितार्थ होती है कि धोबी का कुत्ता ना घर का ना घाट का , धोबी अगर कुत्ते को खिलाएगा भी ,तो क्या कुत्ता सामान थोड़ी ढोयेगा।


एक समय ऐसा हुआ कि रात के 12:00 बज रहे थे और रात्रि का तीसरा पहर आरंभ होने वाला था और धोबी अपने घर में आराम से सो रहा था बंटी और शेरू दोनों दरवाजे के बाहर बैठे थे और चुपचाप आराम कर रहे थे।
तभी अचानक उनको एक आवाज सुनाई दी दोनों ने ध्यान से देखा तो एक चोर घर में घुसने की कोशिश में था शेरू ने सोचा कि आखिर इस धोबी के घर में हैं ही क्या जो चोर लेकर जाएगा, और सब कुछ देखते हुए भी चुपचाप था।


लेकिन बंटी को तो रहा नहीं गया, उसके पेट में तो जैसे गैस ही बनने लगी तो बंटी ने उससे कहा कि तुम क्यों न भौंक कर मालिक को जगा देते हो, तब शेरू ने कहा कि मैं नहीं भौकूंगा क्योंकि धोबी मुझे खाना नहीं देता इसलिए मैं नहीं भौंक रहा।

  
तब गधे के मन में एक ख्याल आने लगा कि क्यों ना मैं ही चिल्लाकर के मालिक को जगा दूं। अगर मालिक चोर को पकड़ लेगा तो सारा क्रेडिट मुझे ही मिलेगा और मालिक मेरे ऊपर खुश हो जाएगा। और मुझे कभी नहीं मारेगा। लेकिन था तो वह एक गधा ही ना इसलिए सोच लिया गधे के जैसा। 
सोचा जैसे शुभ काम में देरी क्या और ढेचू - ढेचू करके चिल्लाने लगा उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर धोबी तो जग गया लेकिन चोर भाग      चुका था बाहर आया तो उसे लगा कि गधा तो बेवजह ही चिल्ला रहा था और चिल्ला चिल्ला कर उसकी नींद खराब कर दी।

तो उसने गुस्से में डंडा उठाया और पीट-पीटकर गधे को बेहाल कर दिया दोस्तों भोकना तो कुत्ते का काम था गधे का नहीं, अगर कुत्ता भौंकता तो धोबी को वैसे ही पता चल जाता कि शायद कुछ तो है जिसे देखकर कुत्ता भौंक रहा है तो धोबी उसको नहीं मारता लेकिन गधा तो गधा ही है दिखा दिया अपनी समझदारी और कर दिया दूसरे का काम और नतीजा तो आपने देखा ही क्या हुआ।





Hindi Story |आखिर गधा तो गधा ही होता है |

Hindi Story - सीखने योग्य बातें       दूसरों के काम में दखलअंदाजी ना करें |


इसलिए दोस्तों हमें जो काम सौंपा जाता है हमें वही करना चाहिए अगर हम किसी दूसरे का काम करेंगे तो उससे हमें नुकसान तो ज्यादा होगा ही साथ ही साथ हमें अपने काम में भी मुसीबत आएगी जैसे गधा पिटने के बाद एक-दो हफ्ते तक चल फिर नहीं पा रहा था ।
इसलिए हमें जो काम सौंपा जाता है हमें वही करना चाहिए जैसे मान लो आप किसी कंपनी में काम करते हैं और आपने किसी वक्त किसी दूसरे का काम कर दिया तो कंपनी का मैनेजर सब देख रहा है तो वह यह सोचेगा कि कि दूसरे की जरूरत ही क्या है।

जब उनका काम एक ही बन्दा कर दे रहा है तो उन बंधुओं को तो वैसे ही निकाल देगा वह और उनका सारा बोझ आपके ऊपर डाल देगा और उनका क्या जिनको आपकी वजह से निकाला गया है उनकी कमाई न होने की वजह से उनके घर में तो मुसीबतें बढ़ जायेगीं और उनके वजह से आपको भी मुसीबतें आएंगी।

इसलिए हमें वही काम करना चाहिए जो हमें सौंपा गया है और जो हम कर सकते हैं किसी दूसरे का काम करने में वही बंटी और शेरू जैसी हाल ना हो जाए।


🙏धन्यवाद!





🗣 दोस्तों इस कहानी में अगर कोई भी त्रुटि दिखे तो अपना छोटा भाई समझ के माफ कर दीजिएगा क्योंकि गलतियां इंसान से ही होती हैं आज जो गलतियां करेगा, तभी तो कल सही करेगा 🙏




by Pawan sir...




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